योजना का परिचय: पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के शत-प्रतिशत विकलांग बच्चों को ध्यान में रखते हुए, वर्ष 2007 में 500 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता योजना शुरू की गई थी। यह राशि वर्ष 2011 में बढ़ाकर 1000 रुपये प्रति माह कर दी गई, और 01 अगस्त 2021 से इसे 3000 रुपये प्रति माह कर दिया गया।
योजना का उद्देश्य: इस योजना का मुख्य उद्देश्य पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के शत-प्रतिशत विकलांग बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे अपने परिवार पर निर्भर रहते हुए भी सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर सकें।
पात्रता की शर्तें:
आवश्यक दस्तावेज़:
अनुवर्ती अनुदान: अनुदान स्वीकृत होने के बाद बच्चा आजीवन पात्र हो जाता है, लेकिन उसे हर साल 31 दिसंबर तक जीवन प्रमाण पत्र और विकलांगता प्रमाण पत्र जिला सैनिक बोर्ड में जमा कराना होगा। यह दस्तावेज़ 31 मार्च तक जिला सैनिक बोर्ड द्वारा केंद्रीय सैनिक बोर्ड को भेजे जाएंगे, ताकि अगले वित्तीय वर्ष में भी आर्थिक सहायता मिलती रहे। बच्चे की मृत्यु होने पर आर्थिक सहायता बंद कर दी जाएगी। मृत्यु की सूचना केंद्रीय सैनिक बोर्ड को देना जिला सैनिक बोर्ड की जिम्मेदारी होगी।
आवेदन प्रक्रिया: आवेदन पत्र और सभी आवश्यक दस्तावेज़ हर साल 31 दिसंबर तक जिला सैनिक बोर्ड में जमा किए जाने चाहिए। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी इन दस्तावेजों की जांच कर, हार्ड कॉपी और सॉफ्ट कॉपी दोनों में राज्य सैनिक बोर्ड को भेजता है। राज्य सैनिक बोर्ड आवेदन पत्र की जांच कर, केंद्रीय सैनिक बोर्ड को भेजता है। केंद्रीय सैनिक बोर्ड को आवेदन पत्र 31 जनवरी तक प्राप्त हो जाने चाहिए। केंद्रीय सैनिक बोर्ड 200 आवेदन पत्रों का एक बंडल बनाकर उनकी जांच करता है और उन पर संयुक्त निदेशक (कल्याण) के हस्ताक्षर करवा कर उन्हें खाता अनुभाग को भेज देता है। खाता अनुभाग हर महीने भुगतान करता है।
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